Awesome 👌 100+ Two lines Shayari in Hindi

Awesome Two lines Shayari in Hindi

Hello, doston hamare dil bade hi najuk hote isiliye shayad tut bhi jate hai ? mera manna ehi hai apka kya? so, Aap k liye Awesome Two lines Shayari in Hindi or best line for love in hindi kuch Shayari collection kiya hai. Read kare two line love shayari in hindi or short shayari in hindi.

Two lines Shayari in Hindi for lovers

तेरी नियत ही नही थी साथ
चलने की,
वरना रिश्ता निभाने वाले रास्ता
नही देखा करते ! 😥😥

Two lines Shayari in Hindi for lovers

कट रही है ज़िंदगी रोते हुए,
और वो भी तुम्हारे होते हुए…

उन्हे हम याद आते है मगर फुर्सत के लम्हों में,
मगर ये बात भी सच है की उन्हे फुर्सत नहीं मिलती.

दर्द बनकर ही रह जाओ हमारे साथ
सुना है दर्द बहुत वक़्त तक साथ रहता है।

तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन,
जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा

हे भगवान् ! एक टूटा हुआ तारा ही दिखा दो
सच्चा प्यार मांगना है

तुम्हारे बाद मेरा कौन बनेगा हमदर्द
मैंने अपने भी खो दिए
तुझे पाने की ज़िद में….

सुना था मोहब्बत मिलती है मोहब्बत के बदले,
हमारी बारी आई तो, रिवाज ही बदल गया

रूठेंगे तुमसे तो इस कदर की,
तुम्हारी आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी…

निकाल दिया उसने हमें अपनी ज़िन्दगी से भीगे कागज़ की तरह ना लिखने के काबिल छोड़ा ना जलने के

उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी,
जहाँ सारा शहर अपना था और तुम अजनबी…

हँसते रहने की आदत भी कितनी महँगी पड़ी हमें
छोड़ गया वो ये सोच कर कि…हम दूर रह कर भी खुश हैं

मैं ख़ामोशी तेरे मन की, तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा…
मैं एक उलझा लम्हा, तू रूठा हालात मेरा …

हाथ थामे जिनका चले थे कभी…
अब तनहा इस दिल में लिए घुमते है उन्हें…

वो अक्सर देता है मुझे मिसाल परिंदों की,
साफ़-साफ़ नहीं कहता के मेरा शहर छोड़ दो…

फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना,
मुहब्बत बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती.

तुमको मिल जायेगा बेहतर मुझसे ! मुझको मिल जायेगा बेहतर तुमसे !
पर कभी कभी लगता है ऐसे…हम एक दूसरे को मिल जाते तो होता बेहतर सबसे !

नज़रअंदाज़ करने कीसजा देनी थी तुमको!
तुम्हारे दिल में उतर जाना_ज़रूरी हो गया था

दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख्वाबो में आकर युँ तडपाया ना करो.

ना करते तूम से कोई वादा तो आज इंतजार नही करना पड़ता ,
वादा जो निभाना है तो इंतजार ही करना पड़ेगा ,,

न दो इल्जाम हमें की क्यों इतना घुरते है हम तुमे!
जाकर उससे पूछो क्यों इनता हशीन बनाया तुमे !!

उनकी दुनिया में हम जैसे हजारो हैं !
हम ही पागल है जो उसे पाकर मगरूर हो गए !!

उसकी आंखे इतनी गहरी थी की ,
तैरना तो आता था मगर डूब जाना अच्छा लगा .

कुर्बान हो जाऊं उस सख्स के हाथों की लकीरों पर
जिसने तुझे माँगा भी नहीं और तुझे अपना बना लिया ……!

हम ने ही सिखाया था उने बाते करना !
आज हमारे लिए ही वक्त नही है !!

ताज़ी है अब भी उस मुलाकात की खुशबू
जज़्बात में डूबे हुवे लम्हात की खुशबू
जिस हाथ कों पल भर के लिए थाम लिया था
मुद्दत से है हाथ में उसी हाथ की खुशबू

हाल यह है के तेरी याद में गम हूँ !!!
सब को मेरी और मझे को तेरी पड़ी रहती है !!!!!!

मेरी तकमील में शामिल है तेरा हिसा भी ,
में अगर तुझ से ना मिलता तो अधूर ही रहता !!!!!!!!

सच कहू तो में आज भी इस सोच में गुम हू !!!!
में तुम्हे जीत तो सकता था जाने हरा क्यों ?

चल अब मेरी साँस की जमानत रखा ले तू
शायद इस तहर में बन जाऊ तेरे एतबार के काबिल

मेरी आवारगी में कुछ दखल तुम्हारा भी है
क्यों की जब तेरी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता

एक सुकून की तलाश मे जाने कितनी बेचैनियां पाल ली,
और लोग कहते है हम बडे हो गए हमने जिंदगी संभाल ली.

ऐ ज़िँदगी, अब तू ही रुठ जा मुझसे..
ये रुठे हुए लोग, मुझसे मनाए नहीँ जाते…

दो आईने को देखकर देखा किया तुझे
तेरी आंखों में डूबकर देखा किया तुझे
सुन ले जरा क्या कह रही तुमसे मेरी निगाह
खामोशियों से बोलकर देखा किया तुझे
लहरें तो आके रूक गईं साहिल को चूमकर
आंसू पलक में रोककर देखा किया तुझे
तेरी उदासियों में तस्वीर है मेरी
ये सोचके बस एकटक देखा किया तुझे

मायूस ना हो, लबों को भी तकलीफ ना दे…
गर है प्यार तुझे, तो आँखों से बयां कर दे…

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!
वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

तेरी तो फितरत थी सबसे मुहब्बत करने की,
हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे

याद मीठी सी दिलाकर चले गए !
दिल हमारा साथ उठा कर चले गए !!
सबे महफिल देखती ही रह गई !
वो मस्त ऑखों से पिलाकर चले गए !!

काश तुम भी हो जाओ तुम्हारी यादों की तरह,,…
ना वक़्त देखो, ना बहाना,, बस चले आओ…

ये मेरी शायरी ने भी कमाल कर दिया,
आज शायरी
सुनके उसने मुझसे कहा …
मेरी जान ले लो मगर मुझे बेबफा ना कहो

क्यूँ दुनिया वाले मोहब्बत को खुदा का दर्ज़ा देते हैं,
हमने आज तक नहीं सुना कि खुदा ने बेवफाई की हो…!!!

ज़नाज़ा इसलिए भारी था
उस गरीब का ,.,
वो अपने सारेअरमान साथ लेकर गया था ,.,!

इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी
चलने का न सही, सम्भलने का हुनर तो आ गया

ऐसा करते हैं तुम पर मरते हैं,
वैसे भी हमें मर ही जाना हैं!!!!!!!!

कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. .!!
हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम.

इस नाज़ुक दिल में किसी के लिए इतनी मोहबत आज भी है यारो.
की हर रात जब तक आँखे ना भीग जाये नीद नही आती

वो दर्द ही क्या जो आँखों से बह जाए!
वो खुशी ही क्या जो होठों पर रह जाए!
कभी तो समझो मेरी खामोशी को!
वो बात ही क्या जो लफ्ज़ आसानी से कह जायें!

लिखना तो था के हम खुश है उसके बिना
मगर आसू निकल पड़े कलम उठाने से पहले

क़ानून तो सिर्फ बुरे लोगों के लिए होता है….! ..
अच्छे लोग तो शर्म से ही मर जाते हैं…!!

टूटे हुए सपने से खुली, आज सुबह फिर आँख ….
सपना आज फिर चुभेगा दिन भर….!!

आप तब तक ख़ुशी नहीं रह पाएंगे जब तक आप ये
खोजते रहेंगे की ख़ुशी कहा मिलेगी।
और आप तक ख़ुशी से जी नहीं पाएगे जब तक लेफे का
मीनिंग खोजते रहेंगे।

कोई दुश्मनी नही ज़िन्दगी से मेरी..
बस ज़िद्द है तेरे साथ जीना है..

मेरे चुप रहने से नाराज़ ना हुआ करो…
कहते है टूटे हुए लोग हंमेशा ख़ामोश हुआ करते है ..

तमाशा न बना मेरी मोहब्बत का
कुछ तो लिहाज़ कर अपने किए वादों का

तुम रख ना सकोगे मेरा तौफ़ा संभालकर;
वरना मैं अभी दे दूं जिस्म से रूह निकाल कर।

राज ज़ाहिर ना होने दो तो एक बात कहूँ ,,
मैं धीरे- धीरे तेरे बिन मर जाऊँगा ….!!

कहा था सबने, डूबेगी यह कश्ती
मगर हम जानकर बैठे उसी मेंll

उसकी ये मासूम अदा मुझको बेहद भाती है…
वो मुझसे नाराज़ हो तो गुस्सा सबको दिखाती है…!!

ज़रा देखो ये दरवाज़े पर दस्तक किसनेदी है;
अगर इश्क़ हो तो कहना यहाँ दिल नही रहता

हमें तो कब से पता था के तूबेवफा है
ऐ बेखबर
तुझे चाहा ही इस लिए की शायद तेरी फितरत बदल जाये…!!

हर शख्स परिन्दोँ का हमदर्द नही होता दोस्तोँ..
बहुत बेदर्द बैठे हैँ दुनिया मे जाल बिछाने वाले…!!

चैन से रहने का हमको यूं मशवरा मत दीजिये,
अब मज़ा देने लगी हैं ज़िंदगी की मुश्किलें…!!

एक वो है जो समझता नही,
और यहाँ जमाना मेरी कलम पढ़ कर दीवाना हुआ जा रहा है

अब की बार मिलोगे तो खूब रुलायेंगे तुम्हे.
सुना है तुम्हे रोने के बाद सीने से लिपट जाने की आदत है…!!

थोडे अोले इस दिल में भी बरसा दे ए मालिक..
उसकी यादों की फसल अब भी खड़ी है यहाँ..!!

तन्हाई मे मुस्कुराना भी इश्क़ है,
इस बात को सब से छुपाना भी इश्क़ है,
यूँ तो रातों को नींद नही आती
पर रातों को सो कर भी जाग जाना इश्क़ है

बेवफाई तो सब करते है पगली….
तु तो समजदार थी,कुछ नया कर लेती..!

इश्क करते है तुमसे इसलिए खामोश है अबतक,,,
खुदा न करे मेरे लब खुले और तुम बर्बाद हो जाओ…..

बस कर……..
अब और इम्तिहान मत ले मेरे सब्र का ऐ ज़िन्दगी…
वर्ना मुझे बस कुछ ही वक़्त लगेगा तेरा ये खेल ख़त्म करने में…

वही हम हैं…वहीज़िन्दगी है हमारी
हाँ कभी-कभी कुछ अलग-सा भी हो जाया करता है…!.

मेरी तन्हाई पुछती हे मुझसे,
बता आज कौन बिछड गया तुझसे,
क्या बताऊँ की मेरा कोई साथी ही नही,
शायद आज जुदा हो गया हुँ खुद से.!

जिन्दगी मे कभी खुद को तन्हा न समझना,
साथ हूं मे तुम अपने से जुदा न समझना,
उर्म भर दोस्ती का वायदा किया है,
अगर जिन्दगी साथ न दे,
तो बे वफा न समझना!!

सुना है..इश्क की सजा मौत होती है..
तो लो मार दो हमेँ प्यार करते है हम आपसे.

जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला….!
मैं हारा भी तो अपनी हीं रानी से…..

राज़ ज़ाहिर ना होने दो तो एक बात कहूँ ,
मैं धीरे- धीरे तेरे बिन मर जाऊँगी !!

दिल पे मुश्किल है बहुत दिल की कहानी लिखना
जैसे बहते हुए पानी पे हो पानी लिखना !

दिलों में खोट जुबां से प्यार करते हैं;
बहुत से लोग दुनिया में बस यही प्यार करते हैं।

मेरा दिल जलाने वाले, मेरा दिल जला के रोए
मुझे आजमाने वाले, मुझे आजमा के रोए
मेरे सामने से गुजरे, मेरा हाल भी ना पूछा
मैं यकीं करूं तो कैसे, के वो दूर जा के रोए

दिल शोर करें फिर भी उसकी मानते कहाँ हो,
कोई बात आँखों में देख के पहचानते कहाँ हो।

पास आओगे तो सब अपने पसन्द का पाओगे,
तेरे ख्यालो में रहकर तुझमें में ही ढ़ल गया मै।

दरिया ए अश्क अब मुनासिब नहीं आने को,
जो मिल ना पाये बाकी रहेगा वहीं बहाने को।

चाहत देस से आनेवाले ये तो बता के सनम कैसे हैं ..?
दिलवालों की क्या हालत हैं, यार के मौसम कैसे हैं …

मुहब्बत न सही मुकद्दमा ही कर दो मुझ पर……
तारीख़ दर तारीख़ तेरा दीदार तो होगा….

सुना है के तुम रातों को देर तक जागते हो
यादों के मारे हो या मोहब्बत में हारे हो…

मैं जहर तो पी लु शौक से तेरी खातिर..
पर शर्त ये है कि तुम सामने बैठ कर सासो को टूटता देखो..

मैं जहर तो पी लु शौक से तेरी खातिर..
पर शर्त ये है कि तुम सामने बैठ कर सासो को टूटता देखो..

मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे !
बारिश की बूँद भी अगर उन्हें छू ले.
तो दिल में आग लगजाती है …..

अजब सी खामोशी हैं मेरे अंदर तेरे जाने के बाद….
मै चीखती हु, चिल्लाती हु मगर शोर नहीं होता!!

इतना आसान नहीं है जीवन का हर किरदार निभा पाना,
इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तों को समेटने के लिए…

मेरे पास गोपीयाँ तो बहुत है….
पर मेरा मन मेरी राधा के सीवा कही लगता ही नही…!!

रात चुप हे मगर चाँद खामोस नही ,
केसे कहु आज फिर होस नही ;
ऐसे डूबे हे उनकी यादों में की ,
हाथ में जाम हे पर पिनेका होस नही !

न जाने इतनी मोहब्बत कहाँ से आ गयी उस अजनबी के लिए ,
की मेरा दिल भी उसकी खातिर अक्सर मुझसे रूठ जाया करता हे ..!!

तेरे बिना में ये दुनिया छोड तो दूं ,
पर उसका दिल कैसे दुखा दुं ,
जो रोज दरवाजे पर खडी केहती हे ;
“बेटा घर जल्दी आ जाना “

तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे…
अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती

कुछ रूठे हुए लम्हें कुछ टूटे हुए रिश्ते……
हर कदम पर काँच बन कर जख्म देते है..

अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का,
रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है

मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना ,
अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी..

जनाब मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की ,
हम आईना ज़मीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है ।

इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर
शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं।….

मेरे दिल में तेरे लिए प्यार आज भी है
माना कि तुझे मेरी मोहब्बत पर शक आज भी है
नाव में बैठकर जो धोए थे हाथ तूने
पूरे तालाब में फैली मेंहदी की महक आज भी है ।

तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना;
हम जान दे देते हैं मगर जाने नहीं देते !!

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